इस बार निर्जला एकादशी पर बरसेगा धन, करें ये अचूक उपाय !

बेहद शुभ है निर्जला एकादशी
हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी को विशेष स्थान दिया गया है। ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है। ये व्रत धार्मिक दृष्टि के साथ-साथ मानसिक शांति और बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। साल में पड़ने वाली सभी एकादशियों में निर्जला एकादशी को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन व्रत रखकर पूजा-पाठ करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा मिलती है। ऐसी भी मान्यता है कि अगर आप पूरे साल एकादशी का व्रत ना कर पाएं तो निर्जला एकादशी का व्रत रखने से आपको सारा पुण्य प्राप्त हो जाता है। निर्जला एकादशी के दिन दान करने का भी बहुत महत्व है। इस दिन किया गया दान पापों से मुक्ति दिलाता है और सौभाग्य को बढ़ाता है। इस बार निर्जला एकादशी का व्रत 31 मई दिन बुधवार को रखा जाएगा। चलिए अब जानते हैं कि निर्जला एकादशी पर क्या करने से आप पर बरसेगा धन और दूर हो जाएंगे कष्ट….
निर्जला एकादशी पर क्या करें ?
- घर की साफ-सफाई करें।
- पूरे दिन-रात बिना अन्न और जल के निर्जला एकादशी का व्रत रखने का विधान है।
- पीले कपड़े पहनकर पूरे विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करें।
- भगवान विष्णु को फल, फूल और मिठाई का भोग लगाएं।
- कम से कम 108 बार ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
- विष्णु सहस्रनाम का पाठ करके आरती करें।
- निर्जला एकादशी पर भगवद गीता, विष्णु पुराण या रामायण का पाठ करें।
- सुबह स्नान करने के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराना बेहद शुभ माना जाता है।
- कलश में जल भर दान करने से पापों से मुक्ति मिलती है।
- ज़रूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े और धन का दान करें।
- किसी धार्मिक स्थान या सड़क के किनारे प्याऊ की व्यवस्था कराएं।
- राहगीरों को मीठा पानी या शरबत पिलाएं।
निर्जला एकादशी पर बरसेगा धन !
- धन लाभ पाने के लिए निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करें।
- पीपल के पेड़ में जल में थोड़ा सा दूध मिलाकर चढ़ाएं।
- मां तुलसी की भी पूजा करें।
- तुलसी की जड़ में कच्चा दूध चढ़ाएं और घी का एक दीपक भी जलाएं।
- घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास चाहते हैं तो
- निर्जला एकादशी पर 7 कौड़ियों को हल्दी की 7 गांठों के साथ पीले कपड़े में लपेटकर अपनी तिजोरी में रखें।
निर्जला एकादशी पर इन बातों का रखें ध्यान
निर्जला एकादशी के दिन कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी है…चलिए बताता हैं….
निर्जला एकादशी पर देर तक ना सोएं।
शांत और मौन रहकर भगवान का ध्यान करें।
काले रंग के कपड़े ना पहनें।
झूठ ना बोलें, गुस्सा ना करें।
ब्रह्मचर्य का पालन ज़रूर करें।
अगर आपका व्रत नहीं है तो भी प्याज़-लहसुन ना खाएं।
सभी एकादशियों में सबसे कठिन, सबसे पुण्यदायी और महाफलदायी है निर्जला एकादशी। इस मौके को अपने हाथ से जानें ना दें। इस दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे सुनहरा मौका है आपके पास…तो कीजिए उपाय और पाइए महालाभ……….